किसी भी आयुर्वेदिक औषधि को लेने का सही तरीका उसके असर को दोगुना कर सकता है। महारस्नादि काढ़े को पूरे सम्मान और सही विधि से लेना ज़रूरी है, तभी यह अपना चमत्कार दिखा पाएगा।
• खुराक (Dosage): आमतौर पर, 15 से 30 ml काढ़ा लेना होता है। यह आपकी उम्र, बीमारी की गंभीरता और आपके शरीर की प्रकृति पर निर्भर करता है। शुरुआत हमेशा कम dose से करें।
• कब लें (Timing): इसे दिन में दो बार, सुबह और शाम के भोजन के लगभग 30-45 मिनट बाद लेना सबसे अच्छा होता है। खाली पेट लेने से कुछ लोगों को हल्की जलन महसूस हो सकती है, इसलिए भोजन के बाद ही लें।
• किसके साथ लें (Anupana): इसे हमेशा बराबर मात्रा में गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पिएं। गुनगुना पानी एक 'वाहक' की तरह काम करता है। यह औषधि को शरीर की छोटी-छोटी कोशिकाओं तक तेजी से पहुंचाता है और उसके absorption को बेहतर बनाता है। यह काढ़े की गर्मी को भी संतुलित करता है।
• कितने दिन (Duration): यह कोई 3 दिन का course नहीं है। आयुर्वेद जड़ पर काम करता है। असर दिखने के लिए कम से कम 45 से 90 दिनों तक इसे नियमित रूप से लें। पुराने और गंभीर मामलों में, इसे वैद्य की सलाह पर 6 महीने तक भी लिया जा सकता है।
• सावधानियाँ (Precautions): अगर आपको acidity या gastritis की समस्या है, तो dose कम रखें या वैद्य से सलाह लें। इसका स्वाद कड़वा होता है, अगर चाहें तो थोड़ा शहद मिला सकते हैं (लेकिन पानी गुनगुना हो, गर्म नहीं)।
• किसे नहीं लेना चाहिए: गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को इसे बिना वैद्य की सलाह के बिलकुल नहीं लेना चाहिए। बहुत छोटे बच्चों को भी यह नहीं दिया जाता।