हम सोचते हैं कि यकृत रोग सिर्फ शराब पीने वालों को होता है, लेकिन यह आज के समय का सबसे बड़ा झूठ है। असल में, हमारी 'modern lifestyle' ही इस बीमारी की सबसे बड़ी जड़ बन चुकी है। Ayurveda के अनुसार, जब 'अग्नि' (पाचन शक्ति) मंद पड़ जाती है और शरीर में 'आम' (toxins) जमा होने लगता है, तो यह सीधे लिवर पर हमला करता है।
आज के समय में इसके मुख्य कारण हैं:
• Processed Food और Chemicals: पैकेट में बंद हर चीज़, बिस्किट से लेकर सॉस तक, में डाले गए preservatives और artificial flavours आपके लिवर के लिए धीमा ज़हर हैं। आपका लिवर इन्हें पहचानने और process करने के लिए नहीं बना है।
• Chronic Stress: लगातार तनाव में रहने से शरीर में cortisol hormone का स्तर बढ़ जाता है, जो सीधे लिवर में fat जमा करने लगता है, जिसे हम 'फैटी लिवर' कहते हैं।
• बिगड़ी हुई दिनचर्या: देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना आपके शरीर के natural biological clock को खराब कर देता है। लिवर का मुख्य काम रात में detox करना होता है, लेकिन जब आप जगे होते हैं, तो यह प्रक्रिया ठीक से नहीं हो पाती।
• दवाइयों का अंधाधुंध इस्तेमाल: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बहुत से मामलों में यकृत रोग का असली कारण वो chemical-based दवाइयां हैं जो दर्द, बुखार या cholesterol कम करने के लिए ली गई थीं। Paracetamol जैसी आम दवा भी अगर ज़्यादा ली जाए तो लिवर को सीधा नुकसान पहुंचाती है। Pharma companies यह बात कभी खुलकर नहीं बतातीं।
सच तो यह है कि हमारी lifestyle का एक-एक फैसला, हमारे खाने की एक-एक बाइट, और हमारी ली हुई हर एक गोली यकृत रोग को चुपचाप हमारे घर में दावत दे रही है।