आपकी त्वचा वैसी ही दिखती है जैसा आप खाते हैं। त्वचा रोगों में 'पथ्य' (क्या खाएं) और 'अपथ्य' (क्या न खाएं) का पालन करना दवाइयों से भी ज़्यादा ज़रूरी है।
पथ्य (ये ज़रूर खाएं):
* लौकी, तुरई, परवल, खीरा: ये सब्जियां ठंडी होती हैं और बढ़े हुए पित्त को शांत करती हैं।
* अनार: यह खून बनाने और उसे साफ़ करने के लिए अमृत समान है।
* मूंग की दाल: यह पचने में सबसे हल्की होती है और शरीर में कोई गंदगी (आम) नहीं बनाती।
* देसी घी: यह शरीर की गर्मी को कम करता है और त्वचा को अंदर से नमी देता है।
* आंवला: Vitamin C से भरपूर आंवला त्वचा की healing को तेज़ करता है और immunity बढ़ाता है।
* धनिया, सौंफ और जीरे का पानी: ये मसाले शरीर को ठंडा रखते हैं और detox करने में मदद करते हैं।
* नारियल पानी: यह शरीर को hydrate करता है और पित्त को शांत करता है।
अपथ्य (इनसे बिलकुल दूर रहें):
* लाल मिर्च, गरम मसाले और तला हुआ खाना: ये सीधे तौर पर पित्त और inflammation को बढ़ाते हैं।
* दही, खासकर रात में: यह शरीर के channels (स्रोतों) को block करता है और कफ बढ़ाता है।
* मैदा और चीनी: मैदा आपकी आंतों में गोंद की तरह चिपक जाता है और ज़हरीला 'आम' बनाता है। Packaged juice और cold drinks में मौजूद चीनी आपकी त्वचा के मुंहासों और दानों को और भड़काती है।
* बैंगन, सरसों का साग, उड़द दाल: ये भारी और गर्म तासीर के होते हैं, जो त्वचा रोगों को बढ़ा सकते हैं।
* नमक और खट्टी चीजें (अचार, सिरका): ये खून में अशुद्धि और पित्त को बढ़ाते हैं।
एक छोटी सी सलाह: अपनी सुबह की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करें, दोपहर के खाने में सब्ज़ी और मूंग दाल ज़रूर शामिल करें, और रात का खाना सूरज ढलने के आसपास हल्का-फुल्का खा लें। यह छोटा सा बदलाव आपकी त्वचा पर जादू जैसा असर दिखाएगा।