Anidra (Insomnia) कोई आसमान से गिरी हुई बीमारी नहीं है, यह हमारी अपनी जीवनशैली का बनाया हुआ एक जाल है। Ayurveda के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण है 'वात' दोष का बढ़ना। जब हम रूखा, ठंडा, बासी भोजन करते हैं, देर रात तक जागते हैं, और हद से ज़्यादा मानसिक तनाव लेते हैं, तो शरीर में वायु का प्रकोप बढ़ जाता है और मन अशांत हो उठता है।
आज की lifestyle तो जैसे Anidra को न्योता देने के लिए ही बनी है:
• Chemical वाला खाना: Processed food, refined sugar और chemical additives हमारी पाचन अग्नि (Agni) को मंदा कर देते हैं। इससे शरीर में 'आम' (toxins) बनता है जो सूक्ष्म channels को block करके मन तक पहुंचने वाले पोषण को रोकता है।
• Chronic Stress: लगातार तनाव और चिंता हमारे शरीर में cortisol नाम का stress hormone बढ़ा देते हैं। यह hormone शरीर को 'fight or flight' mode में रखता है, जिससे आराम और नींद की स्थिति बन ही नहीं पाती।
• Screen Time का जहर: देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप की नीली रोशनी हमारी आँखों के ज़रिए दिमाग को यह signal देती है कि अभी भी दिन है। इससे melatonin (हमारा sleep hormone) बनना बंद हो जाता है और नींद का natural cycle पूरी तरह बिगड़ जाता है।
• Pharma का साइड-इफेक्ट: यह एक कड़वा सच है कि बहुत से मामलों में Anidra का असली कारण वो chemical दवाइयाँ हैं जो किसी और बीमारी के लिए ली गई थीं! Blood pressure, depression, या एलर्जी की गोलियां अक्सर नींद के pattern को बर्बाद कर देती हैं, और फिर डॉक्टर आपको एक और गोली 'नींद के लिए' दे देता है। यह एक कभी न खत्म होने वाला चक्र है। हमारी जीवनशैली का एक-एक फैसला Anidra को हमारे बिस्तर तक ला रहा है।